Managing Child Education: Role of Parents

DECISION POINTS

Launch Date – Program is available, but current capacity is full
No. of Sessions – 24
Certification? – Digital – Yes! Print: on request.
Points – 108
Fee  – Rs 2136/-
Narration – Simple Hindi-English

Suitable for me?Expert’s ProfileProgram FAQ
शिक्षा तंत्र के साइड इफेक्ट्स हमें समय समय पर देखने को मिलते रहते हैं – बच्चों को शिक्षित और संस्कारित करने की जवाबदारी पूरी तरह स्कूल के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता | यह प्रोग्राम पेरेंट्स को इस दिशा में व्यवस्थित रूप से सोचने के लिए ट्रेनिंग प्रदान करता है | यह प्रोग्राम उन पेरेंट्स के लिए उत्तम है जो इस विषय पर जागरूक रहकर देरी होने से पहले अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं; अपना रोल बखूबी समझना चाहते हैं
पहला सेम्पल सेशन भी अवश्य देख लें
यह प्रोग्राम उन सभी पेरेंट्स के लिए उपयोगी है जिनके बच्चे 6-16 के बीच की उम्र के हैं; और उन टीचर्स के लिए जो इस उम्र के बच्चों को हेंडल करते हैं |
Dr Arvind Agrawal is well-known trainer, writer and innovator for education sector.
For the Top-9 Frequently asked questions, including Refund Policy, please visit this page (There are separate tabs for FAQ in English and Hindi)
तीसरे सेशन के साथ आपके पास कैंसलेशन का विकल्प रहेगा

अगले बैच के लिए एनरोलमेंट्स 01 अक्टूबर शुरू होंगे

Program Content

Sessions Status
1

F101 पेरेंटिंग: कई रोल्स

2

F102 इंटेलिजेंस क्या होता है ?

3

F103 शिक्षा के तीन प्रभाव

4

F104 बच्चे क्या चाहते हैं…?

5

F105 नकारात्मकता से निबटना

6

F106 अटेंशन की टेंशन

7

F107 स्कूलिंग सिस्टम के तीन फायदे

8

F108 स्कूल में बिताया गया समय

9

F109 एक्ज़ाम्स

10

F110 मार्क्स, ग्रेड्स और स्कोर का मायाजाल

11

F111 किताबों का कष्ट

12

F112 हम लिखते क्यों नहीं ?

13

F113 दुष्चक्र

14

F114 ओर्गानिक लर्निंग क्यों काम करता है

15

F115 लिंकन का पत्र

16

F116 थ्योरी के साथ क्या दिक्कतें हैं

17

F117 प्रतियोगिता का माहौल कितना मददगार है

18

F118 बच्चे सीखते कैसे है

19

F119 बच्चों का खेल

20

F120 ये दुनिया कैसे काम करती है ?

21

F121 कंट्रोल का मनोविज्ञान

22

F122 OMG - गलतियों से परेशान !

23

F123 आठ प्रकार के इंटेलिजेंस

24

F124 रिपिटेशन

25

F125 सिंसियर टीचर्स भी उतावले हैं